यह मार्गदर्शिका किसके लिए है
यह मार्गदर्शिका हिंदी ब्लॉग संपादकों, छोटे कारोबारों, सामग्री लेखकों और एसईओ टीमों के लिए है, जो खोज से आने वाले पाठकों को उपयोगी जवाब देना चाहते हैं।
खोज का आशय तय करें, फिर भाषा बदलें
पहले पहचानें कि लेख जानकारी देने, विकल्पों की तुलना करने या सेवा तक पहुँचाने के लिए है। ‘पानी का फिल्टर कैसे चुनें’ वाले पाठक को चयन के आधार चाहिए; शुरुआती अनुच्छेद में केवल खरीदने का आग्रह उसका सवाल नहीं सुलझाता। मुख्य उत्तर ऊपर रखें, फिर शर्तें और उदाहरण दें। प्राथमिक खोज वाक्यांश शीर्षक और उपयुक्त जगह पर रखें, लेकिन हर उपशीर्षक में न ठूँसें। हिंदी में ‘जल शोधक’ और ‘वॉटर प्यूरीफायर’ जैसे विकल्प पाठक के संदर्भ से चुनें। स्थानीय खोज में शहर का नाम तभी जोड़ें जब जानकारी वास्तव में उस स्थान पर लागू हो। सहज लेखन अप्रासंगिक खोज शब्दों को उपयोगी नहीं बनाता।
मानक संशोधन के लिए स्पष्ट संपादकीय निर्देश दें
मसौदे के साथ पाठक, लेख का उद्देश्य और अपरिवर्तनीय विवरण बताएँ। उदाहरण निर्देश: ‘इसे सामान्य हिंदी पाठक के लिए सहज बनाएँ। कीमत, तारीख, माप, उद्धरण और स्रोत संकेत न बदलें। अनावश्यक कीवर्ड दोहराव हटाएँ, नया दावा न जोड़ें।’ लंबे वाक्य बाँटें, अस्पष्ट सर्वनाम स्पष्ट करें और ‘आज के डिजिटल युग में’ जैसी भूमिका हटाकर विषय से शुरू करें। तकनीकी शब्द पहली बार समझाएँ; प्रचलित शब्द का हर जगह संस्कृतनिष्ठ विकल्प न बनाएँ। शीर्षक, मेटा विवरण और मुख्य लेख अलग जाँचें: संक्षिप्त विवरण ऐसा वादा न करे जिसे लेख पूरा नहीं करता। भाषा में सुधार को बेहतर रैंकिंग की गारंटी न मानें।
प्रकाशन से पहले तथ्य और पृष्ठ संरचना जाँचें
मूल और संशोधित पाठ साथ रखकर संख्या, इकाई, तारीख, पात्रता और अपवाद मिलाएँ। ‘शुरुआती कीमत’ को ‘कुल कीमत’ या ‘मदद कर सकता है’ को ‘निश्चित समाधान’ बनाना अर्थ बदलता है। स्रोत खोलकर देखें कि वह उसी दावे का समर्थन करता है; संदर्भ संकेत को संबंधित वाक्य से अलग न करें। आंतरिक लिंक का पाठ गंतव्य पृष्ठ बताए, केवल ‘यहाँ क्लिक करें’ नहीं। चित्र का वैकल्पिक पाठ चित्र समझाए, कीवर्ड सूची न बने। प्रकाशन प्रणाली में शीर्षक स्तर और सूचियाँ भी देखें। चिकित्सा, वित्त या कानूनी विषयों में भाषा सहज होने के बावजूद विशेषज्ञ समीक्षा की जरूरत बनी रहती है।