यह मार्गदर्शिका किसके लिए है
यह मार्गदर्शिका जनसंपर्क टीमों, संचार प्रबंधकों, संस्थापकों, गैर-लाभकारी संस्थाओं और हिंदी मीडिया के लिए घोषणाएँ तैयार करने वाले संपादकों के लिए है।
पहले खबर तय करें, फिर भाषा सँवारें
शीर्षक में मुख्य बदलाव रखें: किसने क्या शुरू किया, कहाँ विस्तार किया या किस उपलब्धि की घोषणा की। ‘नए युग की शुरुआत’ जैसे वाक्य खबर नहीं बताते। शुरुआती अनुच्छेद में संस्था, घोषणा, स्थान और संबंधित तारीख दें। जारी होने की तारीख और सेवा शुरू होने की तारीख अलग हों तो दोनों स्पष्ट लिखें।
मसौदा संशोधित कराने से पहले निर्देश दें: ‘पेशेवर हिंदी में लिखें; नाम, पदनाम, तारीखें, संख्याएँ, माप और स्रोत न बदलें; नई उपलब्धि न जोड़ें।’ इसके बाद हर अनुच्छेद का काम तय करें: मुख्य सूचना, आवश्यक विवरण, अधिकृत उद्धरण और संस्था का संक्षिप्त परिचय। मीडिया संपर्क अंत में रखें। खबर को विज्ञापन में बदलने वाले विशेषण हटाएँ, लेकिन उपलब्धता की शर्तें या पात्रता न काटें।
स्वाभाविक हिंदी का अर्थ अनौपचारिक भाषा नहीं
‘क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा’ की जगह, तथ्य अनुमति दें तो ‘लागू किया जाएगा’ लिखें। ‘हम अत्यंत हर्षित हैं’ जैसे औपचारिक वाक्य तभी रखें जब वे स्वीकृत उद्धरण का हिस्सा हों। सक्रिय वाक्य जिम्मेदारी स्पष्ट करते हैं: ‘संस्था आवेदन स्वीकार करेगी’ पाठक को बताता है कि कार्रवाई कौन करेगा।
ब्रांड और उत्पाद के आधिकारिक नाम सुरक्षित रखें। तकनीकी शब्द का प्रचलित हिंदी रूप न हो तो परिचित शब्द के साथ संक्षिप्त अर्थ दें; जबरन अनुवाद न गढ़ें। पूरे पाठ में वर्तनी, अंकों और मुद्रा का एकसमान तरीका अपनाएँ। पेशेवर स्वर के लिए हर वाक्य लंबा होना जरूरी नहीं। छोटे वाक्य भी औपचारिक हो सकते हैं, बशर्ते वे सटीक हों और बोलचाल की अतिशयोक्ति से बचें।
प्रकाशन से पहले भाषा से अलग तथ्य-जाँच करें
मूल मसौदे और संशोधित पाठ को साथ रखकर नाम, पदनाम, संपर्क विवरण, तारीख, राशि, प्रतिशत और माप मिलाएँ। ‘तक’ हटने से अधिकतम सीमा निश्चित परिणाम बन सकती है; ‘प्रस्तावित’ हटने से योजना पूरी हुई उपलब्धि लग सकती है। संख्या सही होने पर भी उसका आधार और अवधि बदलना गलत है।
उद्धरण वक्ता की स्वीकृति के बिना न सुधारें। सुधार आवश्यक हो तो नया पाठ अनुमोदन के लिए भेजें; तब तक मूल उद्धरण रखें। अध्ययन या रिपोर्ट के दावे के साथ संस्था, संस्करण, पृष्ठ और लिंक सुरक्षित रखें। स्रोत उपलब्ध न हो तो पुष्टि माँगें। ‘पहला’, ‘सबसे बड़ा’ और ‘अग्रणी’ जैसे तुलनात्मक दावों के लिए प्रमाण चाहिए। नियामकीय, वित्तीय या स्वास्थ्य-संबंधी घोषणा को संबंधित विशेषज्ञ से भी जँचवाएँ।