यह मार्गदर्शन किसके लिए है
स्नातक प्रवेश, छात्रवृत्ति या कॉलेज के पूरक प्रश्नों के लिए हिंदी में उत्तर तैयार कर रहे आवेदकों तथा भाषा पर प्रतिक्रिया देने वाले शिक्षकों और अभिभावकों के लिए।
पहले आवेदन का प्रश्न और भाषा संबंधी नियम जाँचें
संपादन शुरू करने से पहले प्रश्न, शब्द सीमा और स्वीकार्य भाषा अलग लिख लें। हिंदी में अच्छा मसौदा बनना यह प्रमाण नहीं है कि संबंधित कॉलेज हिंदी आवेदन स्वीकार करता है। प्रवेश पोर्टल पर भाषा, अनुवाद और बाहरी संपादन के निर्देश जाँचें। चुनौती संबंधी प्रश्न का उत्तर उपलब्धियों की सूची बनाकर न दें; किसी निर्णय, कठिनाई और सीख का संबंध दिखाएँ। यदि प्रश्न पाठ्यक्रम चुनने का कारण पूछता है, तो अपनी रुचि को सत्यापित पाठ्यक्रम विवरण से जोड़ें। विभाग, विषय या प्रयोगशाला का नाम आधिकारिक वेबसाइट से मिलाएँ। पुराने पन्ने की जानकारी को वर्तमान अवसर बताकर प्रस्तुत न करें।
मानक संपादन में भाषा बदलें, उपलब्धियाँ नहीं
अपने लिखे अनुच्छेद पर सीमित निर्देश दें: हिंदी सरल करें, अनावश्यक विशेषण घटाएँ और तथ्य अपरिवर्तित रखें। “मेरे द्वारा आयोजन संपन्न किया गया” को “मैंने आयोजन किया” बनाना उपयोगी है, लेकिन केवल सहयोग देने पर नेतृत्व का दावा जोड़ना गलत होगा। मसौदे और संशोधन में तारीखें, घंटे, अंक, राशि, प्रतिभागियों की संख्या तथा परियोजना के माप मिलाएँ। नौकरी, प्रशिक्षण या स्वयंसेवा की उपलब्धि बढ़ाकर न लिखें। उद्धरण हो तो उसके शब्द और स्रोत सुरक्षित रखें; सीधे उद्धरण को चुपचाप बदलने के बजाय उसका स्पष्ट भावार्थ दें। अंत में ऊँची आवाज़ में पढ़कर ऐसे शब्द हटाएँ जो आप सामान्य बातचीत में नहीं कहेंगे।
मौलिकता और सहायता का खुलासा आवेदन का हिस्सा हैं
आपके अनुभव, तर्क और आत्मचिंतन आपके अपने होने चाहिए। ह्यूमनाइज़ली का उपयोग तभी करें जब संबंधित संस्थान की नीति इसकी अनुमति दे। कुछ संस्थान व्याकरण संबंधी सहायता स्वीकार कर सकते हैं, जबकि अन्य स्वचालित पुनर्लेखन पर रोक लगा सकते हैं; अनुमति का अनुमान न लगाएँ। जहाँ आवश्यक हो, सहायता के प्रकार और दायरे का सटीक खुलासा करें। मूल नोट्स, शुरुआती मसौदे और संशोधन सुरक्षित रखें। किसी पहचान उपकरण का अनुमान लेखकीय प्रामाणिकता का प्रमाण नहीं है और परिणाम की गारंटी नहीं दी जा सकती। नाम, आवेदन संख्या तथा संवेदनशील पारिवारिक विवरण साझा करने से पहले हटाएँ। अंतिम पाठ की जिम्मेदारी आवेदक की रहती है।